भारत में ई-गवर्नेस: आधुनिक शासन व्यवस्था
Author(s): सुदेश कलाम, डॉ.मीनाक्षी पंचाल
Authors Affiliations:
2 शोधार्थी, अर्थशास्त्र विभाग, PAHER विश्वविद्यालय (उदयपुर)
2 Supervisor, अर्थशास्त्र विभाग, (PCSSH), PAHER विश्वविद्यालय (उदयपुर)
DOIs:10.2018/SS/202606002     |     Paper ID: SS202606002सारांशः ई- गवर्नेंस की उत्पत्ति 20 वी. सदी के अंतिम दशकों में हुई जब सुचना एवं संचार प्रोद्योगिकी का उपयोग सरकारी कामकाज में किया जाता था। इसकी व्यवस्थित शुरूआत वर्ष 1989 में विश्व बैंक द्वारा की गई और अन्य देशो द्वारा बाद में अपना लिया गया। विकासशील देशों उदारीकरण व विकास की नीतियां इस स्थिति में सफल हो सकती है जब इन देशों में ई- गवर्नेंस की शुरूआत हो। भारत में ई-गवर्नेंस की औपचारिक शुरूआत वर्ष 1970 के दशक में हुई। आज इंटरनेट के माध्यम से पूरा देश एक हो रहा है। 2015 में शुरू हुए ’डिजिटल इंडिया अभियान’ में ई-गवर्नेंस को एक नई दिशा प्रदान की है, सरकार की इस पहल का उद्धेश्य नागरिकों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना और सेवाओं को इंटरनेट और मोबाइल फोन के माध्यम से सरल बनाना है। ई-गवर्नेंस आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण भाग बन चुका है। भारत में डिजिटल इंडिया अभियान, आधार, डिजिलॉकर, ऑनलाइन भुगतान तथा भूमि रिकार्ड डिजिटलीकरण जैसी योजनाओं के शासन प्रणाली को अधिक सुलभ बनाया है। इस शोध पत्र में ई-गवर्नेंस की अवधारणा, उद्देश्य, लाभ तथा चुनौतियों जैसे बिन्दुओं को बतलाया जाएगा।
सुदेश कलाम, डॉ.मीनाक्षी पंचाल (2026); भारत में ई-गवर्नेस: आधुनिक शासन व्यवस्था, Shikshan Sanshodhan : Journal of Arts, Humanities and Social Sciences, ISSN(o): 2581-6241, Volume – 9, Issue – 6, Available on – https://shikshansanshodhan.researchculturesociety.org/
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