10, June 2026

भारतीय ज्ञानमीमांसा के संदर्भ में बी.एड. विशेष शिक्षा प्रशिक्षणार्थियों के बीच प्रत्यक्ष ज्ञान (Perception), तर्काधारित निष्कर्ष (Inference), और तुलनात्मक अधिगम (Analogy) पर शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

Author(s): 1. नर्मदा मरकाम शोधार्थी, 2. डॉ. हेमलता बघेल सहायक आचार्य

Authors Affiliations:

  1. शोधार्थी, स्टाफ प्रशिक्षण एवं अनुसन्धान संस्थान दूरस्थ शिक्षा (स्ट्राइड), इग्नू नई दिल्ली, मैदान गढ़ी
  2. सहायक आचार्य, स्टाफ प्रशिक्षण एवं अनुसन्धान संस्थान दूरस्थ शिक्षा (स्ट्राइड), इग्नू नई दिल्ली, मैदान गढ़ी

DOIs:10.2018/SS/202606003     |     Paper ID: SS202606003


Abstract
Keywords
Cite this Article/Paper as
References

यह अध्ययन बी.एड. विशेष शिक्षा प्रशिक्षणार्थियों की शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में भारतीय ज्ञानमीमांसा के प्रमुख ज्ञान-स्रोतों—प्रत्यक्ष (Perception), अनुमान (Inference) तथा उपमान (Analogy)—की प्रासंगिकता का विश्लेषण करता है। विशेष शिक्षा में प्रायः पश्चिमी मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों का प्रभाव रहा है, किन्तु यह शोध दर्शाता है कि भारतीय प्रमाण-शास्त्र का उपयोग दिव्यांग शिक्षार्थियों की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझने एवं प्रभावी शिक्षण प्रदान करने में सहायक हो सकता है। अध्ययन में विश्लेषणात्मक एवं वर्णनात्मक शोध पद्धति अपनाई गई तथा प्रश्नावली, अवलोकन एवं साक्षात्कार के माध्यम से आंकड़े संकलित किए गए। निष्कर्षों से ज्ञात हुआ कि प्रत्यक्ष अनुभवात्मक अधिगम को, अनुमान तार्किक एवं चिंतनशील क्षमता को तथा उपमान जटिल अवधारणाओं को सरल बनाने में सहायक है। अध्ययन यह भी इंगित करता है कि भारतीय ज्ञानमीमांसा विशेष शिक्षा को अधिक प्रभावी, संवेदनशील एवं छात्र-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

भारतीय ज्ञानमीमांसा, प्रत्यक्ष ज्ञान, तर्काधारित निष्कर्ष, विशेष शिक्षा, तुलनात्मक अधिगम, बी.एड. विशेष शिक्षा प्रशिक्षणार्थी, शिक्षण अधिगम, विश्लेषणात्मक अध्ययन |

नर्मदा मरकाम शोधार्थी,  डॉ. हेमलता बघेल सहायक आचार्य (2026); भारतीय ज्ञानमीमांसा के संदर्भ में बी.एड. विशेष शिक्षा प्रशिक्षणार्थियों के बीच प्रत्यक्ष ज्ञान (Perception), तर्काधारित निष्कर्ष (Inference), और तुलनात्मक अधिगम (Analogy) पर शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का एक विश्लेषणात्मक अध्ययन, Shikshan Sanshodhan : Journal of Arts, Humanities and Social Sciences,      ISSN(o): 2581-6241,  Volume – 9,   Issue –  6,  Available on –   https://shikshansanshodhan.researchculturesociety.org/

  • शर्मा, एन. के. (2018). भारतीय ज्ञानमीमांसा और शिक्षाशास्त्र. दिल्ली विश्वविद्यालय प्रकाशन।
  • डैश, एम. (2019). एजुकेशन ऑफ एक्सेप्शनल चिल्ड्रन (5वां संस्करण). अटलांटिक पब्लिशर्स एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स.
  • रामकृष्णन, वी. (2020). स्वामी विवेकानंद का शैक्षिक दर्शन और आधुनिक विशेष शिक्षा की चुनौतियाँ. दार्शनिक विमर्श, 8(3), 89–101.
  • नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया ।
  • शर्मा, एन. के., एवं मिश्रा, एस. (2021). भारतीय ज्ञानमीमांसा और आधुनिक कक्षा-कक्ष शिक्षाशास्त्र. दिल्ली विश्वविद्यालय प्रकाशन संस्थान.
  • प्रज्ञानानंद, स्वामी. (2021). भारतीय दर्शन में प्रमाण चिंतन. रामकृष्ण मिशन संस्थान।
  • कौर, जे., एवं थॉमस, एस. (2022). विशेष आवश्यकता वाले बच्चों में व्यवहारजन्य संकेतों की पहचान:विशेष शिक्षा प्रशिक्षणार्थियों के कौशल का एक अध्ययन. भारतीय समावेशी शिक्षा पत्रिका, 14(2), 112–125.
  • सिंह, आर. पी. (2023). राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के आलोक में शिक्षक शिक्षा में भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) का समावेश. शोध सरिता, 10(38), 201–210
  • जोशी, ए. के., एवं पटेल, एम. आर. (2024). शिक्षक प्रशिक्षणार्थियों में संवेदनशीलता और धैर्य का विकास: भारतीय जीवन मूल्यों और पश्चिमी पद्धतियों का एक तुलनात्मक विश्लेषण. शिक्षा और समाज, 29(1), 45–58.

Download Full Paper

Download PDF No. of Downloads:3 | No. of Views: 22