पाठ्यसहगामी क्रियाओं में भाग लेने वाले तथा भाग न लेने वाले विद्यार्थियों के नैतिक निर्णय का अध्ययन
Author(s): नवीना जैन, डॉ.मीना कालरा
Authors Affiliations:
*शोधार्थी, मोहनलाल सुखाडिया विश्वविधालय उदयपुर
**शोध मार्गदर्शिका, विद्याभवन गांधी शिक्षा संस्थान रामगिरी, उदयपुर
DOIs:10.2018/SS/202609012     |     Paper ID: SS202609012सारांश: प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य पाठ्यसहगामी क्रियाओं में भाग लेने वाले एवं भाग न लेने वाले विद्यार्थियों के नैतिक निर्णय का तुलनात्मक अध्ययन करना था। अध्ययन हेतु उदयपुर जिले के 14 उच्च माध्यमिक विद्यालयों से कुल 800 विद्यार्थियों का चयन किया गया, जिनमें 400 सरकारी तथा 400 गैर-सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थी शामिल थे। अध्ययन में सर्वेक्षण विधि तथा नैतिक निर्णय मापनी का प्रयोग किया गया। आँकड़ों के विश्लेषण के लिए मध्यमान, मानक विचलन एवं स्वतंत्र नमूना t-परीक्षण का प्रयोग किया गया। परिणामों से ज्ञात हुआ कि सरकारी विद्यालयों में पाठ्यसहगामी क्रियाओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों के नैतिक निर्णय का मध्यमान 8.18 तथा भाग न लेने वाले विद्यार्थियों का 7.00 था और प्राप्त t-मान 8.26 सार्थक पाया गया। जबकि गैर-सरकारी विद्यालयों में दोनों समूहों के मध्यमानों में प्राप्त अन्तर सार्थक नहीं पाया गया (t = 1.07)। अध्ययन से निष्कर्षित हुआ कि विशेष रूप से सरकारी विद्यालयों में पाठ्यसहगामी क्रियाओं में सहभागिता विद्यार्थियों के नैतिक निर्णय के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाती है। अतः विद्यालयों में पाठ्यसहगामी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाना आवश्यक है।
नवीना जैन, डॉ.मीना कालरा (2026); पाठ्यसहगामी क्रियाओं में भाग लेने वाले तथा भाग न लेने वाले विद्यार्थियों के नैतिक निर्णय का अध्ययन, Shikshan Sanshodhan : Journal of Arts, Humanities and Social Sciences, ISSN(o): 2581-6241, Volume – 9, Issue – 9, Available on – https://shikshansanshodhan.researchculturesociety.org/
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