सारांश(Abstract) राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020, ने विद्यालयी शिक्षा में व्यावसायिक,सांस्कृतिक एवं मूल्य आधारित पाठ्यचर्या के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रस्तुत शोध पत्र में NEP-2020 द्वारा विद्यालयी शिक्षा की पाठ्यचर्या को बहुआयामी, व्यावसायिक,सांस्कृतिक एवं मूल्य आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका का विश्लेषणात्मक अध्ययन किया गया है। NEP-2020 विद्यालयी स्तर पर भारतीय ज्ञान परम्परा (IKS) एवं तकनीकी पर आधारित व्यावसायिक शिक्षा का प्रारंभिक समावेश, स्थानीय कला–संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों का संवर्धन तथा नैतिक मूल्यों, संविधानिक आदर्शों और जीवन कौशलों को पाठ्यचर्या में अंतर्निहित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश प्रदान करती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रम को केवल ज्ञानार्जन तक सीमित न रखते हुए, छात्रों के व्यावहारिक अनुभव, सांस्कृतिक जागरूकता, और नैतिक मूल्यों को समाहित करने हुए व्यावसायिक शिक्षा को मुख्यधारा में लाने के लिए कक्षा 6 से ही व्यावसायिक कौशलों को पाठ्यचर्या में शामिल करने पर जोर दिया है | NEP-2020 का उद्देश्य छात्रों में रोजगारोपयोगी कौशल, सांस्कृतिक चेतना, नैतिक उत्तरदायित्व और 21वीं सदी की आवश्यकता के अनुसार क्षमताओं का विकास सुनिश्चित करना है। NEP-2020 भारतीय भाषाओं, स्थानीय कला, और संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ विद्यालयी पाठ्यक्रम को लचीला और रचनात्मक बनाकर ज्ञान, कौशल और मूल्यों के बीच के अलगाव को समाप्त करता है। यह नीति भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक चुनौतियों के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल के बीच संतुलन स्थापित करते हुए एक समान, समावेशी और जीवंत ज्ञानी समाज के निर्माण की नींव रखती है।
मुख्य शब्द: राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020, व्यावसायिक शिक्षा, सांस्कृतिक पाठ्यचर्या, मूल्य शिक्षा, समग्र विकास ।
प्रियंका सिंह (2026); विद्यालयी शिक्षा में व्यावसायिक, सांस्कृतिक एवं मूल्य आधारित पाठ्यचर्या विकसित करने में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 की भूमिका: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन, Shikshan Sanshodhan : Journal of Arts, Humanities and Social Sciences, ISSN(o): 2581-6241, Volume – 9, Issue – 6, Available on – https://shikshansanshodhan.researchculturesociety.org/