सारांश : प्रस्तुत अध्ययन छत्तीसगढ़ राज्य के बिलासपुर जिले में कंवर जनजाति के 0–6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों में कुपोषण की स्थिति का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन द्वितीयक आँकड़ों पर आधारित है, जिसमें राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-4 एवं NFHS-5), ICDS तथा जिला प्रशासनिक रिपोर्टों के आँकड़ों का उपयोग किया गया है। NFHS डेटा के अनुसार बिलासपुर जिले में नाटापन 33.7% से घटकर 25.7%, दुबलापन 27.6% से घटकर 24.0% तथा कम वजन 36.8% से घटकर 28.0% हुआ है, जो पोषण कार्यक्रमों के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाता है। इसके विपरीत एनीमिया की दर 51.5% से बढ़कर 78.4% हो गई, जो सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दर्शाती है। ICDS ‘वजन त्यौहार’ आँकड़ों के अनुसार कुपोषित बच्चों का प्रतिशत 2021-22 में 17.4%, 2022-23 में 15.2% से घटकर 2023-24 में 13.8% हुआ है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि कुपोषण सामाजिक-आर्थिक, स्वास्थ्य एवं जागरूकता कारकों से प्रभावित है। अतः जनजातीय क्षेत्रों में लक्षित पोषण हस्तक्षेप, बहु-क्षेत्रीय समन्वय एवं सामुदायिक सहभागिता आवश्यक है । यह शोध पत्र बिलासपुर जिले के कंवर जनजाति के बच्चों में कुपोषण और एनीमिया दूर करने के लिए तथा नीति निर्माण एवं भविष्य के शोध के लिए आधार प्रदान करेगा।
मूल शब्द : कुपोषण, कंवर जनजाति, जनजातीय बच्चे, NFHS, ICDS, बाल पोषण, बिलासपुर ।
रोशन कुमार (2026); छत्तीसगढ़ राज्य के बिलासपुर जिले में कंवर जनजाति के बच्चों में कुपोषण की समस्या : एक विश्लेषणात्मक अध्ययन, Shikshan Sanshodhan : Journal of Arts, Humanities and Social Sciences, ISSN(o): 2581-6241, Volume – 9, Issue – 3, Available on – https://shikshansanshodhan.researchculturesociety.org/