30, January 2026

स्वामी विवेकानन्द के चिंतन में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के मूल तत्व

Author(s): जयवीर सिंह, डॉ0 सुनील कुमार सिंह

Authors Affiliations:

शोधार्थीः,    सुपरवाइजरः

अर्मापुर पी0जी0 कॉलेज, कानपुर नगर।

DOIs:10.2018/SS/202601005     |     Paper ID: SS202601005


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पश्चिमी चिंतन परंपरा के अनुसार राष्ट्रवाद भाषा, नस्ल, धर्म या जाति इत्यादि के आधार पर सामूहिक पहचान देकर परस्पर प्यार व एकता का संचार कर जनसमूह क संगठित करता है। भारतीय चिंतन प्रणाली में राष्ट्रवाद को भिन्न- भिन्न अर्थों में समझा गया है।
राष्ट्रवाद, आध्यात्मिकता, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, वैज्ञानिकता, सार्वभौमिकता, मानवतावाद, पर्यावरण, समर्पण, सहिष्णुता, सांप्रदायिकता, धर्मांधता, सर्वधर्म समभाव, सर्वेभवन्तु सुखिनः।

जयवीर सिंह, डॉ0 सुनील कुमार सिंह (2026); स्वामी विवेकानन्द के चिंतन में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के मूल तत्व, Shikshan Sanshodhan : Journal of Arts, Humanities and Social Sciences,      ISSN(o): 2581-6241,  Volume – 9,   Issue –  1,  Available on –   https://shikshansanshodhan.researchculturesociety.org/


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