रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण की प्रासंगिकता एवं चुनौतियाँ
Author(s): रेशमा खानम, डॉ मीना सिरोला,
Authors Affiliations:
रेशमा खानम, शोधार्थी वनस्थली विद्यापीठ, राजस्थान
डॉ मीना सिरोला, प्रोफेसर वनस्थली विद्यापीठ, राजस्थान
DOIs:10.2018/SS/202601001     |     Paper ID: SS202601001सांराश : भारत में महिलाओं और बालिकाओं का सुरक्षा मुद्दा लगातार गंभीर होता जा रहा है। बढ़ते अपराध,लैंगिक असमानताएँ, सामाजिक बाधाएँ और साइबर उत्पीड़न जैसी समस्याएँ आज लड़कियों की सुरक्षा को चुनौती देती है। आत्मनिर्भरता एवं सशक्तिकरण आज शिक्षा और समाज की प्रमुख आवश्यकता में से एक है। विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में संचालित रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर, साहसी एवं आत्मविश्वासी और सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण साधन है। इस लेख में आत्मरक्षा प्रशिक्षण की प्रासंगिकता जैसे- महिला सुरक्षा,मानसिक दृढ़ता, सामाजिक सशक्तिकरण तथा इसके समक्ष उपस्थित चुनौतियों जैसे-संसाधनों की कमी, प्रशिक्षकों की अनुपलब्धता, सामाजिक दृष्टिकोण, आर्थिक बाधाएँ का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि यह प्रशिक्षण केवल शारीरिक सुरक्षा ही नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का भी आधार है।
रेशमा खानम, डॉ मीना सिरोला, (2025); रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण की प्रासंगिकता एवं चुनौतियाँ, Shikshan Sanshodhan : Journal of Arts, Humanities and Social Sciences, ISSN(o): 2581-6241, Volume – 9, Issue – 1, Pp.1-4. Available on – https://shikshansanshodhan.researchculturesociety.org/
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