26, February 2026

मालवा क्षेत्र की वैष्णव मूर्तियों का निरूपण

Author(s): डॉ. अर्चना तिवारी

Authors Affiliations:

सहायक आचार्य, इतिहास एवं भारतीय संस्कृति विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर

DOIs:10.2018/SS/202602004     |     Paper ID: SS202602004


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सारांश : यह अध्ययन  मालवा क्षेत्र में विकसित वैष्णव मूर्तिकला परंपरा के स्वरूप, शैली और प्रतीकात्मकता को  प्रस्तुत करता है। मालवा विशेषतः  उदयगिरी, एरण, मंदसौर आदि स्थानों पर  विष्णु के  अवतारों की  मूर्तियाँ वैष्णव भक्ति की सशक्त अभिव्यक्ति हैं। इन मूर्तियों में शंख, चक्र, गदा और पद्म जैसे आयुधों का संतुलित प्रयोग दर्शाया  है। शिल्प में गुप्तोत्तर एवं परमार कालीन प्रभाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है। मूर्तियों के मुखमंडल में सौम्यता, नेत्रों में आध्यात्मिक शांति तथा देह यष्टि में संतुलन प्रमुख विशेषताएँ हैं। वस्त्र-विन्यास, अलंकरण और आभूषण स्थानीय कलात्मक परंपराओं से जुड़े हैं। प्रतिमाओं की स्थापत्य-संलग्नता मंदिर-योजना के अनुरूप है। यह पत्र  धार्मिक, कलात्मक और सांस्कृतिक दृष्टि से मालवा की वैष्णव मूर्तिकला की महत्ता को रेखांकित करता है।

मुख्य शब्द :  आदिवराह , नरसिंह अवतार, ग्वालियर , उदयगिरी, एरण,  मालवा, गुप्तकाल, परमारकाल ।

डॉ. अर्चना तिवारी  (2026); मालवा क्षेत्र की वैष्णव मूर्तियों का निरूपण, Shikshan Sanshodhan : Journal of Arts, Humanities and Social Sciences,      ISSN(o): 2581-6241,  Volume – 9,   Issue –  2,  Available on –   https://shikshansanshodhan.researchculturesociety.org/


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