28, December 2025

अभिमन्यु अनत के गद्य साहित्य में मॉरीशसीय जन-जीवन और सामाजिक यथार्थ का चित्रण

Author(s): रजनी

Authors Affiliations:

(शोधार्थी), बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय अस्थल बोहर (रोहतक)

DOIs:10.2018/SS/202512006     |     Paper ID: SS202512006


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शोध-सारांश : अभिमन्यु अनत मॉरीशस के हिंदी साहित्य के एक प्रमुख स्तंभ हैं, जिन्हें "मॉरीशसीय हिंदी कथा-साहित्य का सम्राट" कहा जाता है। उनका साहित्य न केवल मॉरीशस में प्रवासी भारतीयों की अस्मिता को नई पहचान देता है, बल्कि भारतीय संस्कृति और हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अनत के गद्य साहित्य में, विशेष रूप से उनकी कहानियों और उपन्यासों में, सामाजिक यथार्थ, आम जन-जीवन के संघर्ष, समाज में व्याप्त विसंगतियों, पूंजीपतियों के शोषण, और राजनीतिक भ्रष्टाचार का सजीव चित्रण मिलता है। इस शोध पत्र का मुख्य उद्देश्य अभिमन्यु अनत की चुनिंदा गद्य रचनाओं में निहित सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संदर्भों का अध्ययन करना और यह पता लगाना है कि वह किस प्रकार इन कहानियों के माध्यम से आम लोगों के जीवन, उनके संघर्षों और मानवीय मूल्यों को वाणी देते हैं।

   
मुख्य-शब्द :  समाज, यथार्थ, मॉरीशस, प्रवासी जीवन, वर्ग-संघर्ष, आत्म-सम्मान, शोषण, मानवीय मूल्य, जातिवाद, असमानता   ।

रजनी (2025); अभिमन्यु अनत के गद्य साहित्य में मॉरीशसीय जन-जीवन और सामाजिक यथार्थ का चित्रण, Shikshan Sanshodhan : Journal of Arts, Humanities and Social Sciences,      ISSN(o): 2581-6241,  Volume – 8,   Issue –  12,  Pp.30-39.        Available on –   https://shikshansanshodhan.researchculturesociety.org/


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