26, February 2026

माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों का कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रति दृष्टिकोण का अध्ययन

Author(s): Manjusha Kapri

Authors Affiliations:

पी-एच0 डी0 शोधार्थी, शिक्षा संकाय, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा, उत्तराखंड, भारत

DOIs:10.2018/SS/202602009     |     Paper ID: SS202602009


Abstract
Keywords
Cite this Article/Paper as
References

तेज गति से विकसित हो रही तकनीकों ने शिक्षा व्यवस्था के सभी स्तरों को प्रभावित किया है, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सबसे महत्वपूर्ण उभरती प्रौद्योगिकी के रूप में सामने आई है। माध्यमिक स्तर पर शिक्षण–अधिगम प्रक्रियाओं में एआई आधारित उपकरण न केवल शिक्षकों की कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक हैं, अपितु शिक्षार्थियों के सीखने के अनुभव को भी वैयक्तिकृत करते हैं। इन संभावनाओं के अतिरिक्त, एआई को लेकर शिक्षकों का दृष्टिकोण मिश्रित पाया जाता है, जो उनके समग्र उपयोग, प्रभावी समावेशन तथा नवाचार-आधारित शिक्षण प्रथाओं को प्रभावित कर सकता है। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों का कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रति दृष्टिकोण का विश्लेषण करना, उनके दृष्टिकोण को प्रभावित करने वाले कारकों की पहचान करना तथा जनसांख्यिकीय चर—जैसे लिंग, शिक्षण-अनुभव, शैक्षणिक योग्यता, व्यावसायिक योग्यता, एवं एआई प्रशिक्षण की स्थिति के संदर्भ में उनके दृष्टिकोण में अंतर का परीक्षण करना है। अध्ययन में वर्णनात्मक सर्वेक्षण विधि का उपयोग किया गया तथा जनपद ऊधम सिंह नगर के खटीमा शहर के 100 शिक्षकों, जिनमें से 50 सरकारी विद्यालयों (25 पुरुष और 25 महिला) और 50 निजी विद्यालयों (25 पुरुष और 25 महिला) के शिक्षकों को सरल यादृच्छिक विधि द्वारा चयनित किया गया। आंकड़ों के संग्रह के लिए शोधकर्त्री द्वारा स्व-विकसित कृत्रिम बुद्धिमत्ता दृष्टिकोण मापनी का उपयोग किया गया, जिसकी विश्वसनीयता 0.88 और वैधता 0.90 प्राप्त की गई। विश्लेषण से ज्ञात हुआ कि शिक्षकों का समग्र रूप से एआई के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण है तथा शिक्षण-अनुभव के आधार पर दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण अंतर पाया गया। परिणामों से यह भी स्पष्ट हुआ कि लिंग, शैक्षणिक योग्यता, व्यावसायिक योग्यता एवं एआई प्रशिक्षण की स्थिति के आधार पर दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण अंतर नहीं पाया गया। समग्र रूप से, यह अध्ययन नीति-निर्माताओं, विद्यालय प्रशासकों और शिक्षक-शिक्षण संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण दिशानिर्देश प्रदान करता है।

माध्यमिक विद्यालय, शिक्षक, दृष्टिकोण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), सरकारी विद्यालय, निजी विद्यालय

Manjusha Kapri (2026); माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों का कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रति दृष्टिकोण का अध्ययन, Shikshan Sanshodhan : Journal of Arts, Humanities and Social Sciences,      ISSN(o): 2581-6241,  Volume – 9,   Issue –  2,  Available on – https://shikshansanshodhan.researchculturesociety.org/

1. एनसीईआरटी. (2021). स्कूल एजुकेशन में आईसीटी और एआई की तैयारी की स्थिति। नेशनल काउंसिल ऑफ़ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग।

2. कौर, पी., और सिंह, जी. (2021). एजुकेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रति टीचर्स का एटीट्यूड: इंडिया में सेकेंडरी स्कूलों की एक स्टडी। इंडियन जर्नल ऑफ़ एजुकेशनल रिसर्च, 10(2), 56–65.

3. ज़वाकी-रिक्टर, ओ., मारिन, वी. आई., बॉन्ड, एम., और गवर्नूर, एफ. (2019). एजुकेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर रिसर्च का सिस्टमैटिक रिव्यू। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन एजुकेशन, 29(4), 677–708.

4. ज़ावाकी-रिक्टर, ओ., मारिन, वी. आई., बॉन्ड, एम., और गवर्नूर, एफ. (2019). हायर एजुकेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर रिसर्च का सिस्टमैटिक रिव्यू। हायर एजुकेशन में एजुकेशनल टेक्नोलॉजी का इंटरनेशनल जर्नल, 16(1), 1–27.

5. टीओ, टी. (2019). स्टूडेंट्स और टीचर्स का टेक्नोलॉजी इस्तेमाल करने का इरादा: उनके मेज़रमेंट इक्विवेलेंस और स्ट्रक्चरल इनवेरियंस का आकलन. जर्नल ऑफ़ एजुकेशनल टेक्नोलॉजी एंड सोसाइटी, 22(3), 74–85.

6. नीति आयोग. (2021). सभी के लिए ज़िम्मेदार एआई: भारत में ज़िम्मेदार एआई के लिए सिद्धांतों को लागू करना. भारत सरकार.

7. पटेल, डी. (2022). गुजरात में सेकेंडरी स्कूल टीचर्स की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रति तैयारी और नज़रिया। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़ इन लर्निंग, 17(4), 112–124.

8. फेंग, एम., और हेफरनैन, एन. (2021). एआई-इनेबल्ड एजुकेशनल सिस्टम को लेकर टीचर्स की चिंताएँ। जर्नल ऑफ़ एजुकेशनल टेक्नोलॉजी एंड सोसाइटी, 24(3), 45–58.

9. बेकर, आर. एस., और इन्वेंटाडो, पी. एस. (2019). एजुकेशनल डेटा माइनिंग और लर्निंग एनालिटिक्स: एआई टूल्स से टीचिंग और लर्निंग को बेहतर बनाना। स्प्रिंगर।

10. यूनेस्को. (2023). एजुकेशन और रिसर्च में जेनरेटिव एआई के लिए गाइडेंस. यूनेस्को पब्लिशिंग.

11. रसेल, एस. जे., और नॉरविग, पी. (2021). आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: एक मॉडर्न तरीका (चौथा एडिशन). पियर्सन.

12. लकिन, आर. (2020). टीचर्स के लिए एआई लिटरेसी की ओर: एजुकेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को समझना। ब्रिटिश जर्नल ऑफ़ एजुकेशनल टेक्नोलॉजी, 51(6), 2145–2159.

13. श्वाब, के. (2018). चौथी इंडस्ट्रियल क्रांति. क्राउन बिज़नेस.

14. शिक्षा मंत्रालय. (2020). राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020. भारत सरकार.

15. शेरर, आर., और टीओ, टी. (2019). टीचर्स की टेक्नोलॉजी को स्वीकार करने की क्षमता को समझना: टेक्नोलॉजी एक्सेप्टेंस मॉडल पर आधारित एक मेटा-एनालिटिक रिव्यू। एजुकेशनल रिसर्च रिव्यू, 27, 79–95.

16. सीबीएसई. (2020). आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस करिकुलम: पायलट इम्प्लीमेंटेशन रिपोर्ट। सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन।

17. होम्स, डब्ल्यू., बिआलिक, एम., और फादेल, सी. (2019). एजुकेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: टीचिंग और लर्निंग के लिए प्रॉमिस और इम्प्लीकेशन। सेंटर फॉर करिकुलम रीडिज़ाइन।

 


Download Full Paper

Download PDF No. of Downloads:17 | No. of Views: 24