30, August 2026

श्री अरविन्द घोष और डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के दार्शनिक और शैक्षिक दर्शन का वर्तमान परिप्रेक्ष्य में एक अध्ययन

Author(s): 1. प्रियंका देउपा, 2. प्रो॰ रिजवाना सिद्दीकी

Authors Affiliations:

  1. शोधार्थी, शिक्षा संकाय, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा, 263601.
  2. संकायाध्यक्ष/विभागाध्यक्ष, शिक्षा संकाय, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा, 263601.

 

DOIs:10.2018/SS/202608006     |     Paper ID: SS202608006


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भारत के आधुनिक दर्शन और शिक्षा चिंतन को आकार और दिशा देने मे श्री अरविन्द घोष और डॉ॰ राधाकृष्णन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। दोनों विचारकों ने भारतीय परंपरा को आधुनिकता के साथ जोड़ते हुए शिक्षा को आध्यात्मिक और नैतिक दृष्टिकोण प्रदान किया। श्री अरविन्द घोष एक महान् दार्शनिक शिक्षाविद, योगी तथा क्रांतिकारी रहे हैं। वहीं डॉ॰ सर्वपल्ली भी एक महान दार्शनिक शिक्षाविद और राजनेता रहे हैं। दोनों का ही व्यक्तित्व अपने आप में अद्वितीय है, जो कि शिक्षा के प्रति एक अनूठी छाप छोड़ता है। श्री अरविन्द घोष और डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के शैक्षिक दर्शन से भारतीय शिक्षा प्रणाली की आध्यात्मिक नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों को गहराई से समझा जा सकता है। तथा इनके शैक्षिक दर्शन, शैक्षिक विचारों ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था को एक विशेष दिशा तथा उन्नति की राह प्रदान की। प्रस्तुत शोध पत्र द्वितीय स्रोतों पर आधारित है। इसमें ऐतिहासिक और वर्णनात्मक विधि प्रयुक्त की गई है।
श्री अरविन्द घोष, डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन, शिक्षा दर्शन, आध्यात्म, आदर्शवादी, यथार्थवादी, मूल्य

प्रियंका देउपा,  प्रो॰ रिजवाना सिद्दीकी (2026); श्री अरविन्द घोष और डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के दार्शनिक और शैक्षिक दर्शन का वर्तमान परिप्रेक्ष्य में एक अध्ययन, Shikshan Sanshodhan : Journal of Arts, Humanities and Social Sciences,      ISSN(o): 2581-6241,  Volume – 9,   Issue –  8,  Available on –   https://shikshansanshodhan.researchculturesociety.org/

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