Author(s): हेमलता धरेन्द्र, प्रो. डॉ. पांचू राम मीना
Authors Affiliations:
शोधार्थी – राजनीति विज्ञान विभाग, महाराज विनायक ग्लोबल विश्वविद्यालय, ढण्ढ, आमेर, जयपुर,भारत।
शोध निदेशक – प्राचार्य एवं डीन जयपुर कॉलेज ऑफ आर्ट्स कॉमर्स एण्ड साइंस, ढण्ढ आमेर, जयपुर,भारत।
DOIs:10.2018/SS/202608004     |     Paper ID: SS202608004
सारांश: भारत और बांग्लादेश के मध्य संबंध दक्षिण एशिया की भू-राजनीतिक संरचना, क्षेत्रीय सामरिक संतुलन तथा सहयोग-आधारित कूटनीतिक प्रक्रियाओं के संदर्भ में अत्यंत महत्त्वपूर्ण रहे हैं। 1971 के मुक्ति संग्राम और बांग्लादेश की स्वतंत्रता के उपरांत भारत द्वारा 6 दिसम्बर स्थाई रूप से मान्यता प्रदान की गई और 1972 में संपादित मैत्री,सहयोग व शांति संधि ने द्विपक्षीय संबंधो को संस्थागत और स्थाई रूप प्रदान कियाI संसार का कोई भी देश अपने आप में पूर्ण नहीं है अपना सम्पूर्ण विकास के लिये दूसरे देशो पर निर्भर रहना पड़ता है उसी तरह भारत-बांग्लादेश है प्रस्तुत शोध पत्र 1971 से 1975 तक फैले उन प्रारम्भिक वर्षों का विश्लेषण करता है, जिनमें सरकारी पत्राचार, राजनयिक संदेशों, राजनीतिक संवाद, सांस्कृतिक संपर्क, आर्थिक पुनर्निर्माण, नदी-जल प्रबंधन तथा सुरक्षा संबंधी मुद्दों ने दोनों राष्ट्रों के संबंधों की मूल संरचना निर्धारित की। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि भारत-बांग्लादेश संबंधों का यह प्रारम्भिक चरण मात्र औपचारिक कूटनीति नहीं, बल्कि साझे इतिहास, मानवतावाद और रणनीतिक दायित्वों से निर्मित एक विशाल सहयोग-तंत्र था, जिसने न केवल दक्षिण एशियाई देशों को विकास की राह दिखाई बल्क़ि दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय ढाँचों—विशेषतः SAARC—के उद्भव को भी प्रभावित किया एवं दोनों देशों को विकास का रास्ता दिखाया है इस शोध-पत्र में भारत-बांग्लादेश के संबंधो के ऐतिहासिक परिपेक्ष्य जिसमें प्रारम्भिक चरण,वर्तमान स्थिती व भविष्य के संबंधो की संभावना को सुनिश्चित करता है
मुख्य शब्द: भारत, बांग्लादेश, मुक्ति संग्राम, राजनयिक संवाद, 1972 मैत्री संधि, सरकारी पत्राचार, इंदिरा गांधी, शेख मुजीबुर्रहमान, दक्षिण एशिया।
हेमलता धरेन्द्र, प्रो. डॉ. पांचू राम मीना (2026); भारत–बांग्लादेश संबंधों के प्रारम्भिक चरण: सरकारी पत्राचार एवं राजनयिक संवाद का एक अध्ययन, Shikshan Sanshodhan : Journal of Arts, Humanities and Social Sciences, ISSN(o): 2581-6241, Volume – 9, Issue – 8, Available on – https://shikshansanshodhan.researchculturesociety.org/