30, August 2026

“कृत्रिम बुद्धिमत्ता का रोजगार एवं कौशल की मांग पर प्रभाव: भारतीय श्रम बाजार के संदर्भ में” Impact of AI (Artificial Intelligence) on Employment and Skill Demand: In the Context of the Indian Labour Market:

Author(s): डॉ 0 वीना उपाध्याय

Authors Affiliations:

असिस्टेंट प्रो 0 अर्थशास्त्र विभाग , करामत हुसैन पी.जी. कालेज निशात गंज, लखनऊ.

DOIs:10.2018/SS/202608007     |     Paper ID: SS202608007


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कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तेजी से वैश्विक रोजगार बाजार और कौशल की मांग को पुनर्गठित कर रही है। एक तरफ जहाँ डेटा एंट्री, प्राथमिक कस्टमर केयर और दोहराव वाले पारंपरिक कार्यों का स्वचालन (Automation) होने से नौकरियों के विस्थापन का जोखिम बढ़ा है, वहीं दूसरी तरफ AI इंजीनियर, प्रॉम्प्ट डेवलपर और डेटा एनालिस्ट जैसे नए और उच्च-मूल्य वाले पदों का तेजी से सृजन हो रहा है। आज के दौर में केवल तकनीकी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि AI टूल्स के उपयोग के साथ-साथ आलोचनात्मक सोच (Critical Thinking), रचनात्मकता और भावनात्मक बुद्धिमत्ता जैसे मानवीय कौशलों की मांग भी शीर्ष पर है। भविष्य में वही कार्यबल सफल होगा जो निरंतर अप-स्किलिंग (Up-skilling) के माध्यम से AI को एक प्रतिस्पर्धी के बजाय सहयोगी के रूप में अपनाएगा। भारत की विशाल युवा आबादी के सामने सबसे बड़ी चुनौती 'कौशल अंतराल' (Skill Gap) और असंगठित क्षेत्र का धीमी गति से डिजिटल रूपांतरण होना है।
AI कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीकी नवाचार.

डॉ 0 वीना उपाध्याय (2026); कृत्रिम बुद्धिमत्ता का रोजगार एवं कौशल की मांग पर प्रभाव: भारतीय श्रम बाजार के संदर्भ में, Shikshan Sanshodhan : Journal of Arts, Humanities and Social Sciences,      ISSN(o): 2581-6241,  Volume – 9,   Issue –  8,  Available on –   https://shikshansanshodhan.researchculturesociety.org/

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